परियोजना कार्यान्वयन की व्यवस्था

परियोजना कार्यान्वयन की व्यवस्था

अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से राष्ट्रीय डेरी बोर्ड द्वारा एनडीपी-I कार्यान्वित की जाएगी। एनडीडीबी में स्थित एक परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) मिशन निदेशक की अध्यक्षता में परियोजना के कार्यान्वयन और प्रतिदिन की परियोजना गतिविधियों की निगरानी करेगा। ईआईए द्वारा प्राप्त उप- परियोजना योजनाओं का पीएमयू मूल्यांकन करेगा तथा परियोजना संचालन समिति (पीएससी) के अनुमोदन के लिए योजनाओं की सिफारिश करेगा। पीएमयू में एक बहु- विषयक टीम होगी, जो वार्षिक योजना को तैयार करने, अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियों (ईआईए) के साथ समन्वय करने, परियोजना वित्तीय प्रबंधन, गुणवत्ता का आश्वासन और नियंत्रण, परियोजना निवेश/उत्पाद/परिणाम/ प्रक्रियाएं/प्रभावों की निगरानी करने के लिए जिम्मेदार होगी तथा ईआईए को जरूरत के अनुसार  सहायता प्रदान करेगी।

एनडीपी-I के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं का दो समितियों द्वारा अनुमोदन और निगरानी की जाएगी।

राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी)

राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी), पशुपालन, डेरी और मत्स्य पालन विभाग, भारत सरकार के सचिव की अध्यक्षता में राज्य योजनाएं, वार्षिक कार्य योजना, एनडीडीबी को निधि तथा निधि के पुनर्नियोजन की स्वीकृति देगी तथा सामान्यत: एनडीपी-I के कार्यान्वयन की निगरानी और समीक्षा करेगी। एनएससी को अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियों के योग्यता मानदंड, परियोजना क्षेत्र, घटकों/चीजों की इकाई लागत के मानदंडों, राष्ट्रीय तथा परियोजना संचालन समितियों की संरचना, घटक संचरना और पुनर्नियोजन के प्रस्तावों पर विचार करने तथा उनमें परिवर्तन की मंजूरी का अधिकार होगा। एनएससी की संरचना निम्नलिखित रूप से होगी:

      • सचिव, पशु पालन, डेरी एवं मत्स्य  पालन विभाग, भारत सरकार-अध्यक्ष
      • अध्यक्ष-एनडीडीबी
      • पशुपालन आयुक्त-भारत सरकार
      • अपर सचिव तथा वित्तीय सलाहकार-डीएडीएफ
      • संयुक्त सचिव (डेरी विकास), डीएडीएफ
      • प्रमुख सचिव/सचिव (पशुपालन तथा डेरी) (आवर्तन के आधार पर चार राज्यों से)

 

    • प्रबंधन निदेशक, एनडीडीबी, मिशन डायरेक्टर एनडीपी-I के रूप में।

परियोजना संचालन समिति (पीएससी)

मिशन निदेशक (एनडीपी-I) की अध्यक्षता वाली परियोजना संचालन समिति में डीएडीएफ और एनडीडीबी के प्रतिनिधि होंगे। संबंधित राज्य के सचिव (पशु पालन और डेरी) या उनके प्रतिनिधि उस राज्य की योजनाओं पर चर्चा के दौरान आमंत्रित होंगे। अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा प्राप्त उप परियोजना की योजनाओं की परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) एनडीडीबी द्वारा जांच और सिफारिश की जाएगी। इसे पीएससी के समक्ष अनुमोदन और भुगतान के लिए निधि की स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। पीएससी उप- परियोजना योजना को मंजूरी देगी तथा परियोजना का निरीक्षण करेगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि पीएमयू द्वारा प्रस्तुत उप- परियोजना की योजना पर एक महीने के अंदर विचार करने या अनुमोदन दिया जा सके, पीएससी जरूरत के अनुसार बैठक बुलाएगी। पीएससी को परियोजना घटक तथा एक ही राज्य में परियोजना कार्यान्वयन करने वाली अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच निधि के पुनर्नियोजन करने का अधिकार होगा। पीएससी की संरचना निम्नलिखित रुप में होगीः

प्रबंध निदेशक, एनडीडीबी, एनडीपी-I के मिशन निदेशक के रूप में

    • डीएडीएफ के प्रतिनिधि
    • एनडीडीबी के प्रतिनिधि
    • संबंधित राज्य सरकार के सचिव (पशुपालन और डेरी) या उनके प्रतिनिधि (जो उस राज्य की योजनाओं पर चर्चा के दौरान आमंत्रित रहेंगे)

अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियां (ईआईए)

यह परियोजना ईआईए द्वारा की जायेगी जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं उन राज्यों में जिन्होंने एनडीपी-I के अंतर्गत समर्थित गतिविधियों के लिए अधिक योग्य राज्य स्तरीय नीति वातावरण का सृजन करने के लिए मुख्य नीति अथवा विनियामक उपाय या तो पहले से ही कर लिए हैं अथवा जिन्होंने यह सूचित किया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऐसा कर लेंगे।

ईआईए में शामिल होंगे राज्य सहकारी डेरी महासंघ, जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ, सहकारी उद्यम जैसे कि उत्पादक कंपनियां, राज्य पशुधन विकास निकाय, केन्द्रीय पशु (गाय-भैंस) प्रजनन फार्म (सीसीबीएफ), केन्द्रीय हिमित वीर्य उत्पादन तथा प्रशिक्षण संस्थान (सीएफएसपी एंड टीआई), चारा उत्पादन तथा प्रदर्शन के क्षेत्रीय स्टेशन (आरएसएफपी एंड डी) पंजीकृत समितियां, न्यास (गैर सरकारी संस्थाएं), धारा 25 के अंतर्गत गठित कंपनियां, सांविधिक निकायों की सहायक कंपनियां, आईसीएआर के संस्थान तथा पशु चिकित्सा/डेरी संस्थान/विश्वविद्यालय जो राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) द्वारा प्रत्येक गतिविधि के लिए निश्चित पात्रता मानदंड को पूरा करते हैं।

एनडीपी-I के तहत विभिन्न गतिविधियों के लिए पात्र ईआईए की श्रेणी निम्नलिखित होंगी।

गतिविधि अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियां
सॉंड उत्पादन ईआईए जिनके स्वयं के वीर्य केन्द्र हों जो ए या बी में वर्गीकृत हो अथवा एक ऐसे वीर्य केंद्र के साथ व्यवस्था हो जो नवीनतम मूल्यांकन में ए या बी के रूप में श्रेणीबद्ध हो।
वीर्य उत्पादन वीर्य केन्द्र जिन्हें ए या बी के रूप में डीएडीएफ के सीएमयू (केन्द्रीय निगरानी इकाई) द्वारा अपने नवीनतम मूल्यांकन में श्रेणीबद्ध किया गया हो।
संतुलित आहार कार्यक्रम दुग्ध संघ/महासंघ/उत्पादक कंपनियां
चारा उत्पादन कार्यक्रम दुग्ध संघ/महासंघ//उत्पादक कंपनियां/न्यास (गैर सरकारी संगठन)/चारा उत्पादन तथा प्रदर्शन के लिए क्षेत्रीय केंद्र/आईसीएआर संस्थाएं/पशु विश्वविद्यालय
गांव आधारित दूध अधिप्राप्ति प्रणाली दुग्ध संघ/महासंघ//उत्पादक कंपनियां