माननीय केंद्रीय कृषि राज्‍य मंत्री ने श्रेष्‍ठ डेरी संस्‍थाओं को एनडीडीबी डेरी इनोवेशन पुरस्‍कार प्रदान किया

माननीय केंद्रीय कृषि राज्‍य मंत्री ने श्रेष्‍ठ डेरी संस्‍थाओं को एनडीडीबी डेरी इनोवेशन पुरस्‍कार प्रदान किया 

आणंद 1 जून 2018: श्री परषोत्‍तम रूपाला, माननीय राज्‍य मंत्री, कृषि एवं किसान कल्‍याण तथा पंचायती राज, भारत सरकार ने एनडीडीबी टी के पटेल सभागार, आणंद में 1 जून 2018 को विश्‍व दुग्‍ध दिवस के अवसर पर देश की श्रेष्‍ठ डेरी सहकारिताओं को सम्‍मानित किया । डेरी के जरिए महिला सशक्तिकरण में महिला प्रसार अधिकारियों को भी उनके द्वारा किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए सम्‍मानित किया गया । 

उत्‍पादक स्‍वामित्‍व वाली संस्‍थाओं के प्रयासों को मान्‍यता देने तथा उन्‍हें भविष्‍य में अपने प्रयासों को निरंतर जारी रखने हेतु प्रोत्‍साहित करने के उद्देश्‍य से एनडीडीबी ने एनडीडीबी डेरी इनोवेशन पुरस्‍कार की शुरूआत करने का निर्णय लिया । इस पुरस्‍कार से बैंचमार्क स्‍थापित होंगे और संस्‍थाओं को श्रेष्‍ठ प्रक्रियाओं को अपनाने में मदद मिलेगी तथा इससे प्रबंधन उत्‍कृष्‍टता, पारदर्शिता, गुणवत्‍ता उत्‍पाद, प्रक्रियात्‍मक सुधार, उत्‍पादकता वृद्धि, कार्यकुशलता, किसानों को मूल्‍य, सामाजिक एवं जेंडर समावेश और वित्‍तीय समावेशन के जरिए अपने व्‍यावसायिक संचालनों का विस्‍तार करने हेतु नए तरीकों को अपनाने की प्ररेणा मिलेगी । 

श्री ईश्‍वरसिंह ठाकोरभाई पटेल, माननीय राज्‍य मंत्री, सहकार, खेल, युवा और सांस्‍कृतिक गतिविधि (स्‍वतंत्र प्रभार), परिवहन, गुजरात सरकार, श्री जयद्रथसिंहजी चंद्रसिंहजी परमार, माननीय राज्‍य मंत्री, कृषि, पंचायत, पर्यावरण (स्‍वतंत्र प्रभार), गुजरात सरकार; श्री लाल सिंह वड़ोदिया, माननीय सांसद, राज्‍य सभा; श्री दिलीपभाई पटेल, माननीय सांसद, लोक सभा तथा श्री दिलीप रथ, अध्‍यक्ष, राष्‍ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने इस समारोह की शोभा बढ़ाई ।  

पुरस्‍कार समारोह में मुख्‍य अतिथि के रूप में बोलते हुए श्री रूपाला ने कहा कि डेरी सहकारिताओं ने डेरी उद्योग की प्रगति में अहम भूमिका अदा की है । हमारे ग्रामीण किसानों ने अपनी आजीविका को बनाए रखने की शक्ति हासिल की है और उपभोक्‍ताओं को दूध की आपूर्ति में वृद्धि करने में योगदान दिया है । सहकारिताओं ने किसानों को लाभप्रद रोजगार उपलब्‍ध कराने के साथ उन्‍हें बाजार की पहुंच उपलब्‍ध कराई है । 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आजीविका की दृष्टि से यह महत्‍वपूर्ण है कि उत्‍पादक स्‍वामित्‍व एवं नियंत्रण वाली डेरी संस्‍थाएं संगठित क्षेत्र द्वारा हैंडल किए जा रहे दूध के अपने वर्तमान शेयर में वृद्धि करें । इसलिए हमारे देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने तथा सहकारिताओं के मूल सिद्धांतों एवं मूल्‍यों को बरकरार रखने के लिए उत्‍पादक स्‍वामित्‍व वाली संस्‍थाओं को प्रेरित किया जाना चाहिए । माननीय मंत्री ने इस इनोवेशन पुरस्‍कार की शुरूआत करने के लिए एनडीडीबी की सराहना की । एनडीडीबी के सभी प्रयास हमेशा से ग्रामीण डेरी किसानों के हितों की रक्षा करने पर केंद्रित रहे हैं । 

मुख्‍य अतिथि एवं अन्‍य सम्‍मानित अतिथियों ने हमारे देश की श्रेष्‍ठ डेरी संस्‍थाओं को 21 इनोवेशन पुरस्‍कार प्रदान किए । डेरी के जरिए महिलाओं को सशक्‍त बनाने हेतु 12 महिला प्रसार अधिकारियों (एलईओ) को उनके अनुकरणीय कार्य के लिए पुरस्‍कृत किया है । 56 महिला प्रसार अधिकारियों को भी महिला सशक्तिकरण में उनकी भूमिका के लिए सम्‍मानित किया गया । 

गुजरात के माननीय मंत्रियों एवं माननीय सांसदों ने पुरस्‍कार विजेताओं को बधाई दी और डेरी सहकारिताओं पर अपने बहुमूल्‍य विचार साझा भी किए । 

‘’पशुपालन निर्देशिका’’ पुस्‍तक का विमोचन करते हुए श्री रूपाला ने यह बताया कि डेरी किसानों को बेहतर प्रबंधन, पोषण, आहार, चारा एवं स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी रोकथाम उपाय के जरिए अपने पशुओं की देख-भाल करने की सुविधा से लैस होने की आवश्‍यकता है । उन्‍होंने यह उम्‍मीद व्‍यक्‍त की कि एनडीडीबी के इस प्रकाशन से किसानों को अपने पशुओं के रख-रखाव में मदद मिलेगी । उन्‍होंने दूध एवं दूध उत्‍पादों के उपभोग बढ़ावा देने से संबंधित एनडीडीबी – निर्मित एक टीवी विज्ञापन एवं कृत्रिम गर्भाधान के लाभ पर बनी एक फिल्‍म को भी रिलीज किया ।  

श्री दिलीप रथ, अध्‍यक्ष, एनडीडीबी ने कहा कि यह पहला अवसर है जब एनडीडीबी पहली बार डेरी उद्योग और विशेष रूप से उन डेरी सहकारिताओं को सम्‍मानित कर रही है जो नए प्रयोग करते हैं । ये विशेष महत्‍व रखते हैं क्‍योंकि ये अपरिचित मार्ग पर चलते हैं । श्री रथ ने यह बताया कि एनडीडीबी ने आरंभ से ही डेरी उद्योग में कई नए प्रयोगों में अग्रणी भूमिका निभाई है और यह परम्‍परा सतत् रूप से जारी है । 

उन्‍होंने किसानों की आजीविका में सुधार लाने पर केंद्रित एनडीडीबी की कुछ नई पहलों को रेखांकित किया – देशी गाय के जीनोटाइपिंग हेतु इंडस्‍चिप; इन-विट्रो भ्रूण उत्‍पादन प्रौद्योगिकी; थनैला, ब्रूसेलोसिस नियंत्रण परियोजना और आईबीआर टीकाकरण कार्यक्रमों का बड़े पैमाने पर क्रियान्‍वयन; ग्राम स्‍तरीय डेरी सहकारी समितियों द्वारा व्‍यावसायिक स्‍तर पर साइलेज निर्माण एवं विपणन गतिविधियों का संचालन; डीसीएस द्वारा चारा उत्‍पादन हेतु गोचर भूमि का उपयोग; एनडीडीबी द्वारा शुरू किए गए गुणवत्‍ता चिह्न के जरिए डेरी सहकारिताओं के गुणवत्‍ता युक्‍त उत्‍पाद को बाजार में वैधता दिलाना जिससे विश्‍व बैंक एवं टाटा ट्रस्‍ट के सहयोग से शुरू की गई दूध फोर्टिफिकेशन परियोजना के अंतर्गत दूध को विटामिन ए तथा डी से फोर्टिफाई करके सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों की कुपोषण संबंधी समस्‍याओं का समाधान किया जा सके; एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्‍यूट्रीशन के जरिए शुरू किया गया स्‍कूल दूध कार्यक्रम जिसमें बच्‍चों की पोषण संबंधी आवश्‍यकताओं की पूर्ति करने के लिए सीएसआर निधि का वितरण किया जाएगा; एकीकृत सोलर थर्मल (सीएसटी) प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल द्वारा देश भर के कई डेरी संयंत्रों को ऊर्जा की लागत में कमी लाने पर लाभ प्राप्ति हो रही है; एनडीडीबी द्वारा विकसित फ्री सोर्स एप्लिकेशन ‘’एएमसीएस’’ ग्रामीण डेरी सहकारिताओं की मदद कर रहा है और महत्‍वपूर्ण तरीके से दूध उत्‍पादकों के निजी बैंक खाते में दूध के बिल का भुगतान सुनिश्चित कर रहा है; सोलर पम्‍प इरिगेटर्स को-ऑपरेटिंव इंटरप्राइज अर्थात स्‍पाइस का निर्माण; खाद का प्रबंधन – इसका उद्देश्‍य किसानों को अतिरिक्‍त आय प्रदान करना है, महिलाओं के कठिन श्रम को कम करना है तथा स्‍वच्‍छ भारत अभियान के अनुरूप, डेरी किसानों के द्वारा विकेंद्रीकृत गैस संयंत्र के इस्‍तेमाल और मधुमक्‍खीपालन से संबंधित सशक्तिकरण की गतिविधियों हेतु विभिन्न अनुसंधान किए जा रहे हैं ।     

उन्‍होंने यह कहा कि डेरी किसानों, विशेषकर महिला किसानों के जीवन की गुणवत्‍ता में सुधार लाने पर ध्‍यान केंद्रित किया जा रहा है । उन्‍होंने डेरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में महिला प्रसार अधिकारियों को उनके साहसिक कार्य के लिए बधाई दी ।