ऋण का पुनर्भुगतान

ब्‍याज का पुनर्भुगतान:  अंतिम ऋणी द्वारा मासिक आधार पर ब्‍याज का भुगतान किया जाएगा । ब्‍याज के भुगतान के लिए कोई स्‍थगन अवधि (moratorium period) नहीं होगी । ऋण पास होने के अगले महीने के पहले दिन से ब्‍याज का भुगतान देय होगा ।

मूल राशि का भुगतान:  मूल राशि का भुगतान, स्‍थगन अवधि की पूर्णता के बाद मासिक आधार पर देय होगा ।

ऋण का अवधि से पहले भुगतान के लिए पूर्व-भुगतान प्रभारएनडीडीबी अपने अधिकार से देय तिथि के पूर्व अग्रिम भुगतान को स्‍वीकृति दे सकती है ।

अंतिम ऋणी तिमाही के दौरान देय तिथि से पूर्व तिमाही से संबंधित ब्‍याज/मूल राशि का किसी भी समय भुगतान करने के लिए स्‍वतंत्र होगा । परंतु यदि अंतिम ऋणी अनुवर्ती तिमाही/तिमाहियों के ब्‍याज/मूल राशि की किस्‍तों का भुगतान करता है, तो उसे लागू करों सहित पूर्वभुगतान राशि पर (अथवा एनडीडीबी द्वारा समय-समय पर निर्धारित दरों पर प्रतिवर्ष 2% की दर पर) पुनर्भुगतान देय होगा ।

एनडीडीबी ऋण के अग्रिम भुगतान को इस शर्त पर स्‍वीकार कर सकती है कि अंतिम ऋणी उक्‍त अग्रिम भुगतान के लिए एनडीडीबी को चार दिन की स्‍पष्‍ट सूचना (शनिवार, रविवार एवं छुट्टियों को छोड़कर) देगी । यदि अंतिम ऋणी उपर्युक्‍त चार दिनों की अग्रिम सूचना देने में विफल रहता है तो भुगतान प्राप्ति की वास्‍तविक तिथि से चार दिनों के बाद (शनिवार, रविवार एवं छुट्टियों को छोड़कर) भुगतान हुआ माना जाएगा तथा तदनुसार ब्‍याज प्राप्‍त किया जाएगा । तथापि, अंतिम ऋणी द्वारा एनडीडीबी को चार दिनों की सूचना के अलावा इस पूर्व प्रदत्‍त राशि पर पूर्व भुगतान प्रभार देय होगा ।

निम्‍नलिखित परिस्थितियों में एनडीडीबी अपने अधिकार से पूर्व भुगतान प्रभार को माफ कर सकती है:

  • यदि एनडीडीबी पूर्ण रूप से संतुष्‍ट हो कि अंतिम ऋणी ने अपने वास्‍तविक व्‍यवसाय आय में से संपूर्ण बकाया राशि का पूर्वभुगतान किया है ।
  • यदि ऋणी भुगतान करने में चूकता है और राज्‍य सरकार की गारंटी का उपयोग कर और/अथवा अंतिम ऋणी की प्रतिभूतित परिसंपत्ति के परिसमापन द्वारा प्राप्‍त राशी से ऋण खाता बंद होता है ।

पुनर्भुगतान में चूक: अंतिम ऋणी द्वारा देय तिथि पर ऋण किस्‍तों के पुनर्भुगतान में विफलता की दशा में बकाया राशि में पुनर्भुगतान की वास्‍तविक तिथि तक निर्धारित भुगतान तिथि से देय ब्‍याज दर के अतिरिक्‍त प्रतिवर्ष 3% की दर से अतिरिक्‍त, ब्‍याज देय होगा । 

 

 

इस वेबपेज के हिंदी पाठ तथा अंग्रेजी पाठ में किसी प्रकार की भिन्नता होने पर अंग्रेजी पाठ मान्य होगा|