उप परियोजना योजना की तैयारी के लिए दिशा निर्देश (एसपीपी)

उप परियोजना योजना की तैयारी के लिए दिशा निर्देश (एसपीपी)

सामान्यः

ईआईए द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले एसपीपी के लिए परियोजना अवधि 2011-12 और 2016-17 के बीच रहेगी।
 
एनडीपी-I के तहत एसपीपी अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा तैयार किया जायेगा और पीएमयू, एनडीडीबी को प्रस्तुत किया जाएगा।
 
यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एनडीपी-I और पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन (डीएडीएफ) विभाग की मौजूदा परियोजनाओं में कोई दोहराव नहीं है। चालू योजनाओं के तहत गतिविधियां एनडीपी-I द्वारा उसके विशिष्ट क्षेत्रों में चलाई जा रही गतिविधियों के साथ अनिच्छादित नहीं होनी चाहिए। इस संदर्भ में संबंधित ईआईए द्वारा एसपीपी प्रस्तुत करते समय एक प्रमाणपत्र जारी किया जाना आवश्यक है।
 
एक पृष्ठभूमि टिप्पणी और आवृत क्षेत्रों में डेरी विकास की वर्तमान स्थिति विशेष रूप से प्रस्तावित घटकों के संदर्भ में, योजना में शामिल किया जाना चाहिए।
 
एसपीपी में, दिए गए प्रारुप के अनुसार योजना की मुख्य विशेषताएं दर्शाता हुआ एक तथ्य पत्र शामिल होगा।
 
घटक/मद वार औचित्यों को तथ्यों और आंकड़ों से समर्थित कर  विस्तार से दिया जाना जरूरी है।
 
प्रस्तावित क्षेत्र में मौजूदा पशुपालन और डेरी विकास के ढांचागत सुविधाओं की उपलब्धता के विषय में, दिए गए प्रारुप के अनुसार एसपीपी प्रासंगिक जानकारी देगी।
 
उप परियोजना के तहत प्रस्तावित सभी घटकों को स्पष्ट रूप से अपनी इकाई लागत के साथ -साथ विस्तृत लागत का विवरण जो प्रचलित बाजार भाव और डीएडीएफ की ऐसी समान चालू योजनाओं की इकाई लागत पर आधारित हो की विस्तृत जानकारी देनी होगी।
 
एसपीपी में कई संलग्नक होंगे जिन्हें सरकारी स्त्रोतों, कीर्तिमानक, सर्वेक्षण और प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं (जैसे कि संयुक्त राष्ट्र वेबसाइट, अंतर्राष्ट्रीय डेरी फेडरेशन, यूनाइटेड स्टेट्स कृषि विभाग और अन्य सरकारी स्त्रोत) से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भरने होंगें। संलग्नक में आंकडों का स्त्रोत का यथोचित उल्लेख किया जाना चाहिए। संलग्नक की सूची एनडीडीबी और डीएडीएफ की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
 
एसपीपी अध्याय रूपरेखा के मुताबिक लिखा जा सकता है।
 
एसपीपी में संबंधित अध्यायों का विषय वस्तु में सफल मूल्यांकन के लिए ऐसी जानकारी होनी चाहिए जो निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर में  पर्याप्त जानकारी देती हो।

तकनीकी

  • ईआईए को परियोजना गतिविधि के संबंध में एक निश्चित न्यूनतम (3-5 वर्ष) वर्षों की अवधि का प्रासंगिक अनुभव है या नहीं?
  • ईआईए के पास उपयुक्त अनुभव वाले पर्याप्त व्यावसायिक हैं या नहीं और मानव संसाधन का अंतर विश्लेषण (मानव शक्ति और कौशल) किया गया है या नहीं?
  • अंतराल के मामले में भर्ती और/अथवा क्षमता निर्माण के लिए क्या किसी कार्य योजना की सिफारिश की गई है?
  • ईआईए के पास सहायता सेवाओं कि लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा है या नहीं? यदि नहीं, तो किसी वैकल्पिक व्यवस्था की पुष्टि है या नहीं?
  • क्या उप- परियोजना के उद्देश्य समग्र परियोजना (एनडीपी-I) के उद्देश्यों से मेल खाते हैं?
  • उपरोक्त सामान्य पहलुओं के अलावा क्या निश्चित तकनीकी पहलुओं का एनडीडीबी में संबंधित तकनीकी समूह द्वारा प्रत्येक घटक/उप घटक /गतिविधि के लिए मूल्यांकन हुआ है?
  • उप परियोजना में शामिल जोखिम की स्पष्ट रुप से पहचान की गई या नहीं और ईआईए द्वारा जोखिम कम करने के सुझाव पर्याप्त है या नहीं?

वित्तीयः

  • क्या ईआईए के पास पर्याप्त वित्तीय प्रबंधन (एफएम) क्षमताएं (एफएम आकलन प्रश्नावली/परीक्षण सूची के अनुसार) हैं जो कि एक एसपीपी (परियोजना कार्यान्वयन योजना (पीआईपी) का द्वितीय खंड) बनाने के लिए एफएम विवरण पुस्तिका में निहित है?
  • क्या ईआईए ने पिछले दो वर्षों में शुद्ध लाभ अर्जित किया है? यदि नहीं, तो क्या ईआईए के पास उप- परियोजना गतिविधियों को जारी रखने की पर्याप्त वित्तीय शक्ति है?
  • क्या ईआईए ने अपना भूतपूर्व वित्तीय प्रदर्शन (संभव हो तो पिछले पांच सालों का) विस्तार से दिया है?
  • यदि ईआईए के योगदान की आवश्यकता हुई तो क्या उसकी योगदान करने की क्षमता है, अन्य स्त्रोतों से धन जुटाने सहित?
  • एसपीपी में दिए गए लागत के घटक मान्य है या नहीं?
  • क्या परियोजना का वित्तीय परिव्यय भौतिक लक्ष्यों के प्रस्तावों के अनुरूप है?
  • क्या संबंधित तकनीकी समूहों ने अनुमानों की पुष्टि की है?
  • क्या योजना के अंत तक उप परियोजना वित्त दृष्टिकोण से टिकाऊ बनने के लिए पर्याप्त राजस्व उत्पन्न कर सकेगी? यदि नहीं, तो क्या इसका औचित्य दिया गया है?
  • क्या ईआईए द्वारा पुष्टि की गई है कि वह उसी उप -परियोजना के लिए सरकार या किसी अन्य स्त्रोत से अनुदान सहायता की मांग नहीं कर रहा है ?
  • क्या ईआईए ने पीएमयू को नियमित आवधिकता में उप- परियोजना संबंधित भौतिक और वित्तीय जानकारी देने को सहमत है?

अधिप्राप्तिः

  • अधिप्राप्ति का अर्थ माल की खरीद, कार्य और व्यक्तिगत सलाहकारों की भर्ती है. क्या ईआईए पुष्टि करता है कि उसने परियोजना अधिप्राप्ति नियम पुस्तिका (परियोजना कार्यान्वयन योजना (पीआईपी) का खंड III)), बैंक अधिप्राप्ति और सलाहकार दिशा निर्देश को देखा और समझा है?
  • क्या ईआईए ने एसपीपी प्रस्तुत किया जिसमें शामिल है:
    क) प्रवर्तमान अधिप्राप्ति व्यवस्था और उप- परियोजना के कार्यान्वयन हेतु प्रस्तावित अधिप्राप्ति व्यवस्था
    ख) उप -परियोजना के कार्यान्वयन के लिए खरीद अधिकार सौंपना
    ग) अधिप्राप्ति प्रदर्शन के आंकलन के लिए अधिप्राप्ति संबंधित पिछले छह महीने का आंकड़ा और
    घ) भरी हुई खरीद क्षमता आंकलन प्रश्नावली।

पर्यावरण और सामाजिक (ई एंड एस)

  • क्या उप परियोजना के ई एंड एस प्रभाव को ईआईए द्वारा प्रस्तुत “उप परियोजना के लिए पर्यावरण और सामाजिक परीक्षण सूची” में दी गई जानकारी के अनुसार जांच की गई है?
  • उपरोक्त परीक्षण सूची के आधार पर क्या उप परियोजना की सिफारिश की गई है?
  • क्या उप परियोजना के लिए प्रभाव वर्गीकरण किया गया है, और क्या ईआईए द्वारा वर्गीकरण के अनुसार उचित कार्रवाई योजना की पुष्टि की गई है?

शासन प्रणाली का आंकलनः

  • क्या उप परियोजना की शासन प्रणाली और जवाबदेही कार्य योजना की ईआईए द्वारा प्रस्तुत “शासन प्रणाली और जवाबदेही कार्य योजना प्रश्नावली” में भरे तथ्यों के अनुसार जांच की गई है?
  • उपरोक्त प्रश्नावली के आधार पर क्या उप परियोजना की सिफारिश की गई है?
  • क्या ईआईए द्वारा शिकायत निवारण अधिकारी रखा गया है?