परियोजना परिव्यय

परियोजना परिव्यय

एनडीपी प्रथम चरण में रु. 2242 करोड़ का अनुमानित परियोजना परिव्यय है जिसमें रु. 1584 करोड़ इंटरनेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईड़ीए) के ऋण के रूप में, रु. 176 करोड़ भारत सरकार का हिस्सा, रु. 282 करोड़ अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियों (ईआईए) का हिस्सा है जो भाग लेने वाले राज्यों में परियोजना कार्यान्वित करेंगी , रु. 200 करोड़ एनडीडीबी और उसकी सहायक कंपनियों का परियोजना को तकनीकी और कार्यान्वयन सहायता प्रदान करने के लिए।

​क्रम ​घटक ​रु. करोड़ ​ ​ ​
​आईडीए ऋण भारत सरकार का हिस्सा ​ईआईए का हिस्सा कुल परिव्यय
​1 ​उत्पादकता में वृद्धि ​1026 ​114 ​22 ​1162
​क) ​वीर्य उत्पादन के लिए उच्च आनुवंशिक गुणों (HGM) वाले गोवंश तथा भैंस सांड का उत्पादन तथा सांड/वीर्य/ जर्सी और एचएफ प्रजाति के भ्रूण का आयात ​267 ​30 ​0 ​297
​ख) ​मौजूदा वीर्य केन्द्रों को सुदृढ करना/उच्च गुणवत्ता वाले, रोग मुक्त वीर्य अंशों का उत्पादन करने के लिए नए केन्द्र शुरू करना ​213 ​24 ​22 ​259
​ग) ​मानक संचालन प्रक्रियाओं का अनुकरण करते हुए एक पेशेवर सेवा प्रदाता के माध्यम से जीवनक्षम घर की दहलीज तक कृत्रिम गर्भाधान वितरण सेवाओं के लिए एक प्रायोगिक नमूने की स्थापना जिसमे पशु टैगिंग और प्रदर्शन रिकॉर्ड भी शामिल हो। ​163 ​18 ​0 ​181
​घ) ​दुधारु पशुओं के लिए वैज्ञानिक पोषण कार्यक्रम जिससे कि उनका दूध उत्पादन उनकी आनुवंशिक क्षमता के अनुरूप हो और मीथेन उत्सर्जन कम हो। ​383 ​42 ​0 ​425
i) आहार संतुलन कार्यक्रम
ii) चारा विकास​ ​
​324 ​36 0​ 360​
​59 6​ 0​ 65​
​2 वजन करने, प्राप्त दूध की गुणवत्ता परखने तथा दूध उत्पादकों को भुगतान करने के लिए गांव आधारित दूध अधिप्राप्ति प्रणाली ​439 ​49 ​259 ​747
​3 ​परियोजना प्रबंधन और अध्ययन ​119 ​13 ​0 ​132
​क)    एमआईएस के लिए आईसीटी ​53 ​6 ​0 ​59
​ख)    सीखना तथा मूल्यांकन ​66 ​7 ​0 ​73
कुल 1584 176 ​282 ​2042

 

निधिकरण का स्वरूप

इस योजना के तहत पोषण और प्रजनन गतिविधियों के लिए 100% अनुदान सहायता मिलेगी। नये वीर्य केन्द्र के लिए पूंजीगत व्यय की परियोजना लागत का 25% और गांव आधारित दूध अधिप्राप्ति प्रणाली में पूंजीगत मदों की लागत का 50% अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा वहन किया जाएगा।