पीएमयू के बारे में

पीएमयू के बारे में

परियोजना प्रबंधन इकाई राष्ट्रीय डेरी योजना के प्रथम चरण के कार्यान्वयन का प्रबंधन करता है तथा प्रतिदिन की गतिविधियों का निरीक्षण करता है।यह ईकाई मिशन निदेशक के नेतृत्व में है तथा इसमें एक बहु-विषयक टीम है जिसमें पेशेवर तथा विशेषज्ञ हैं जिनमें प्रासंगिक अनुभव, ज्ञान और परिचालन क्षमता है और जो वार्षिक योजनाओं, उप परियोजना प्रस्तावों की समीक्षा और मूल्यांकन, परियोजना वित्त प्रबंधन, गुणवत्ता आश्वासन तथा नियंत्रण, परियोजना परिणामों की निगरानी तथा आवश्यकतानुसार अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियों को सहायता के लिए जिम्मेदार हैं। परियोजना कार्यान्वयन के लिए इकाई एनडीडीबी और अन्य संस्थानों के बहुताय तकनीकी कर्मचारी और अन्य संसाधनों का आवश्यकतानुसार उपयोग करेगी।

पीएमयू की प्रमुख गतिविधियां निम्नानुसार हैः

  1. राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) के विचार और उसके अनुमोदन के लिए एनडीपी-I की वार्षिक कार्य योजना तैयार करना।
  2. ईआईए की वित्तीय प्रबंधन (एफएल) और अधिप्राप्ति (खरीद) क्षमताओं का आकलन करने तथा जहां भी आवश्यक हो वहां क्षमता निर्माण के लिए प्रशिक्षण का आयोजन।
  3. अंतिम कार्यान्वयन एजेंसी (ईआईए) जो पात्रता मानदंडों को पूरा करती है उनके द्वारा उप परियोजना योजनाओं (एसपीपी) के रचना की निगरानी तथा समन्वय 
  4. ईआईए द्वारा प्राप्त एसपीपी का तकनीकी तथा वित्तीय मूल्यांकन और परियोजना संचालन समिति (पीएससी) के अनुमोदन हेतु एसपीपी की सिफारिश।
  5. पीएससी की बैठक का आयोजन करना और परियोजना कार्यान्वयन के दौरान समय-समय पर पी एस सी के निर्णय के लिए मुद्दों को प्रस्तुत करना ।
  6. ईआईए अनुदान समझौते को क्रियान्वित करना, ईआईए को स्वीकृति पत्र जारी करना और निधि वितरण तथा उपयोग की निगरानी करना।
  7. एनडीपी-I के समग्र निधि का प्रबंधन और रिपोर्टिंग तथा बाह्यलेखा परीक्षा को सुसाध्य बनाना।
  8. परियोजना के कार्यान्वयन के लिए निवेश, उत्पाद ,परिणाम, प्रक्रियाओं और विभिन्न हस्तक्षेपों के प्रभावों तथा एनडीपी-I संबंधित सभी रिपोर्टों को आंतरिक उपयोग तथा डीएडीएफ और विश्व बैंक की बाहरी रिपोर्टिंग के लिए तैयार/समानुक्रमित कर सुपुर्द करने की आवधिक निगरानी हेतु ईआईए के साथ समन्वय करना।
  9. एनडीपी-I की बाह्य निगरानी और मूल्यांकन गतिविधियों को सुगम बनाने तथा उनके समन्वय के लिए इस कार्य के लिए विशेषीकृत संस्थाओं द्वारा, जो इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए चयनित हैं, विभिन्न सर्वेक्षण और अध्ययन कराना।
  10. विश्व बैंक के अधिप्राप्ति दिशा निर्देशों का पालन करते हुए फ्रेमवर्क समझौते या अन्य के माध्यम से  ईआईए द्वारा  माल, कार्य और सेवाओं की अधिप्राप्ति को सुसाध्य बनाना ।
  11. शासन और जवाबदेही कार्य योजना (जीएएपी) फ्रेमवर्क के अनुपालन के संदर्भ में ईआईए की निगरानी।
  12. सभी उप परियोजना प्रस्तावों की पर्यावरण और सामाजिक प्रबंधन दृष्टिकोण से समीक्षा और निगरानी पर्यावरण और सामाजिक प्रबंधन (ईएसएम) फ्रेमवर्क के अनुसार हो और जो सामरिक पर्यावरण और सामाजिक मूल्यांकन (सेसा) रिपोर्ट में दी गई हो जो डीएडीएफ तथा विश्व बैंक के साथ साझा की गई हो।

 

बाहरी निगरानी और मूल्यांकन