एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के शुभारंभ पर 25 July 2022 – 1830 hrs श्री मीनेश शाह, अध्यक्ष महोदय का स्वागत संबोधन

    • Hon’ble Union Minister , Fisheries, Animal Husbandry and Dairying, Shri Parshottam Rupala ji
    • Hon’ble Union Ministers of State, Fisheries, Animal Husbandry and Dairying, Dr. Sanjeev Kumar Balyan ji , Dr. L Murugan ji
    • Secretary, Department of Animal Husbandry and Dairying, Shri Atul Chaturvedi
    • Additional Secretary, Department of Animal Husbandry and Dairying, Ms Varsha Joshi
    • Officers of DAHD, NDDB & its subsidiaries, Friends from Media

NDDB MRIDA Limited के launch programme में आप सबों का NDDB की तरफ से स्वागत करते हुए मैं काफी खुशी का अनुभव कर रहा हूँ । 

NDDB में हमारा यह हमेशा से  मानना रहा  है कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की खुशहाली के लिए यह जरूरी है कि हम गाँव के लोगों में ऐसी क्षमता पैदा कर पाएँ कि वो गाँव में ही जो संसाधन  (Resource ) मौजूद हैं , उससे संबन्धित कोई अच्छा व्यवसाय करने में या उससे अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने में  सफल हों ।  

देश में सहकारिता के माध्यम में  हुई  दुग्ध क्रांति इस संदर्भ में सबसे बड़ा उदाहरण है। आप सभी इस बात से सहमत होंगे कि इस क्रांति ने गाँव में  दुग्ध व्यवसाय के रूप एक नया अर्थतंत्र खड़ा किया, और गाँव में स्वरोजगार का एक नया आयाम स्थापित किया।

पशुपालन से प्राप्त गोबर भी हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में भोजन पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन जैसे की गोबर गैस (Clean Cooking Fuel ) तथा खेती में प्रयोग के लिए Organic Fertilizer उपलब्ध करने में प्रमुख भूमिका निभा सकता है । 

परंतु यह तभी संभव होगा जब हम अपने पशुपालकों को कुशल गोबर प्रबंधन (efficient manure management ) की दिशा में आगे बढ़ा सकेंगे और एक ऐसा वातावरण बना सकेंगे जिसमें हमारे पशुपालक बंधु गोबर को आमदनी के एक जरिये के रूप में देखने के लिए प्रेरित होंगे ।
इसी क्रम में एनडीडीबी ने Manure Value Chain का एक मॉडल गुजरात के जकरियापुरा गाँव में सभी परिवारों को बायोगैस संयंत्र प्रदान कर सफलतापूर्वक स्थापित किया है |

इन बायोगैस महिला किसानों को भारत की पहली महिला खाद सहकारी समिति के रूप मे संगठित किया गया है । यह समिति biogas plants के रखरखाव का प्रबंधन करती है और साथ ही साथ गुणवत्ता मानकों (Quality Standards) के आधार पर Slurry की खरीद भी करती है । Slurry का मूल्य महिला किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाता है |

एकत्रित की गई स्लरी को process कर स्लरी आधारित Organic manure बनाने के बाद उसे किसानों को उचित दरों पर बेचा भी जाता है।

इससे गाँव में स्वच्छता को भी बढ़ावा मिल रहा है, पशुओं का Economic Life Cycle भी बढ़ाने में इससे मदद मिल रही है । आवारा मवेशियों की समस्या से निपटने और GHG emission को कम करने में भी इससे मदद मिलती है।

इस मॉडल को व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त हुई है एवं एनडीडीबी दवारा ऐसी और भी परियोजनाएँ देश भर में शुरू की गई है | एनडीडीबी ने अभी तक देश के विभिन्न क्षेत्रों मे पशुपालकों के घर पर लगभग 3500 गोबरगैस प्लांटों की स्थापना की है | गोबरधन योजना के अंतर्गत इस मॉडल को कियान्वयन के लिए एक मॉडल के रूप में भी शामिल किया गया है |

इसके अतिरिक्त, एनडीडीबी ने डेयरी संयंत्रों की ऊर्जा संबन्धित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मवेशियों के गोबर के उपयोग के लिए भी परियोजनाएं शुरू की हैं |

ऐसी पहली परियोजना की आधारशिला वाराणसी में भारत के माननीय प्रधान मंत्री द्वारा रखी गई थी। इसके अंतर्गत 2000 cubic meter के दो bio-digester लगाए जा रहे हैं, जिससे प्राप्त ऊर्जा से प्रतिदिन 2 lakh लिटर दूध को process किया जाएगा | जिसकी वजह से दूध process करने के खर्च मे प्रति लिटर 40 पैसे की बचत होगी | इस परियोजना के सफल संचालन के बाद अन्य dairy प्लांटों के लिए भी इस प्रकार की परियोजना लागू की जाएगी | एनडीडीबी द्वारा गोबर आधारित organic fertilizers को सामान्य पहचान प्रदान करने के लिए "सुधन" नाम का एक ट्रेडमार्क भी पंजीकृत किया है।

देश भर में इन सारे initiatives को आगे बढ़ाने के लिए, केंद्र सरकार के अनुमोदन से NDDB MRIDA Limited की स्थापना एनडीडीबी के द्वारा की गयी है। NDDB MRIDA Limited एनडीडीबी की एक पूर्ण स्वामित्व वाली (Wholly owned subsidiary ) कंपनी है ।

यह अपनी तरह की पहली कंपनी है जो Manure Value Chain की दिशा में गोबर के कुशल उपयोग पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो डेयरी किसानों की आजीविका को बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में योगदान देगी। साथ ही साथ यह गोबर आधारित organic fertilizers की संगठित बिक्री को बढ़ावा देने के लिए तथा efficient manure management के लिए Innovations और Research को भी बढ़ावा देगी ।

इसी क्रम में एनडीडीबी ने GSFC के साथ एक MoU किया है | जिसके अंतर्गत एनडीडीबी व जीएसएफ़सी ने मिल कर गोबर आधारित खाद के नए उत्पाद तैयार किया जिसका लॉंच माननीय केंद्रीय मंत्री श्री रूपला जी ने 17 जून 2022 को सोमनाथ मे किया

 NDDB MRIDA Limited द्वारा शुरू की जाने वाली प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं:

    • खाद मूल्य शृंखला की स्थापना, बायोगैस आधारित सी.एन.जी. उत्पादन, डेयरी संयंत्रों आर अन्य एजेंसियों के लिए बायोगैस आधारित ऊर्जा उत्पादन जैसी परियोजनाओं का क्रियान्वयन करना  
    • विभिन्न उद्योगों में विविध अनुप्रयोगों के लिए गोबर का उपयोग करना 
    • कुशल गोबर प्रबंधन के लिए कम लागत वाली तकनीकों का अनुसंधान एवं विकास  करना 
    • समान विचारधारा वाली एजेंसियों/विश्वविद्यालयों/स्टार्ट-अप आदि को नए अनुसंधान के लिए मंच  प्रदान करना 
    • गोबर आधारित उत्पादों की बिक्री के माध्यम से आय सृजन मॉडल की स्थापना 
    • गोबर गैस slury आधारित विभिन प्रकार की  जैविक खाद का उत्पादन करने  वाली संस्थाओं को  विपणन/बिक्री में सहायता प्रदान करना
    • Carbon credit से आय अर्जित करने की प्रक्रिया स्थापित डेयरी किसानों के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत उपलब्ध कराना
      आज जब माननीय मंत्री जी के कर कमलों से इस कंपनी का लोकार्पण किया जा रहा है, यह निश्चित रूप से हम सभी के लिए प्रसन्नता का अवसर है ।

मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी की शुभकामनाओं तथा सहयोग से NDDB MRIDA लिमिटेड Manure को एक लाभकारी commodity के रूप में हमारे गाँव में establish कर पशुपालकों की आय बढ़ाने में सफल होगी ।

मैं पुनः आप सबों का इस कार्यक्रम में स्वागत करता हूँ ।

धन्यवाद