कार्यशील पूंजी ऋण

डेरी सहकारिताओं (दुग्ध संघ /  महासंघ और दुग्ध उत्पादक कंपनी सहित) को उनकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कार्यशील पूंजी ऋण ऐसी स्थिती में दिया जाता है जब उनकी पूंजी दूध उत्पाद / कच्चे माल के स्टॉक के रूप में शेष रह जाने की सम्भावना होती है । 

डेरी सहकारिताओं को उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को पूरा करने में सहयोग प्रदान करने हेतु  एनडीडीबी ने एक नई कार्यशील पूंजी योजना अर्थात् 'डेरी सहकारिताओंकेलिएएनडीडीबीकार्यशीलपूंजीवित्तयोजना' शुरूआत की है जो 1 सितम्बर 2017 से प्रभावी है । इस योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नानुसार हैं :  

1) उद्देश्य                                      

i)    दूध और दूध उत्पादों की मांग को पूरा करने के लिए संरक्षित पण्यवस्तुओं की खरीद 

ii)   अधिशेष दूध का संरक्षित पण्यवस्तुओं में रूपांतरण 

iii)   वर्षभर दैनिक संचालनों के लिए संरक्षित पण्यवस्तुओं का न्यूनतम भंडार स्तर बनाए रखना  

2) कौनआवेदनकरसकताहै ? 

i) राज्य सहकारी सोसायटी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत डेरी सहकारिताएं, जिनके पास पिछले वित्तीय वर्ष के विधिवत लेखा परीक्षित हैं। 

ii) आवेदन के समय, आवेदक को दूध उत्पादकों / सदस्य समितियों का एक से अधिक भुगतान चक्र से संबंधित कोई बकाया राशि देय न हो और वह पिछले 3 वर्षों के दौरान एनडीडीबी / बैंक / किसी भी अन्य वित्तीय संस्था को ऋण की चुकौती का बकायादार न हो ।  

3) मूल्यांकनकाआधार 

इस योजना के अंतर्गत, एनडीडीबी पिछले तीन वर्षों में उनके संचालन तथा आगामी वर्ष के अनुमान के आधार पर पात्र आवेदनकर्ता को कार्यशील पूंजी सुविधा की स्वीकृति प्रदान करेगी ।  

4) वित्तकीमात्रा 

अधिकतम स्वीकृत सीमा आवेदक की अधिकतम कार्यशील पूंजी आवश्यकता के 80% से अधिक नहीं होगी।  

5) वैधता 

स्वीकृत सीमा अधिकतम 12 महीने की अवधि के लिए वैध होगी। अवधि की समाप्ति पर, वहां जमा ब्याज के साथ बकाया कुल ऋण एनडीडीबी को चुकता करना होगा, यदि वह सीमा नवीनीकृत नहीं हुई है।  

6) ब्याजदर 

ब्याज की दर प्रतिवर्ष 7.50% है (1 सितंबर 2019 से प्रभावी), जो फ्लोटिंग आधार पर है।  

उक्त कार्यशील पूंजी वित्त योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र आवेदनकर्ता को एनडीडीबी को निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा करना होगा। 

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